Tuesday, April 28, 2020
हे मित्र,जीवन जीना है तो टेढ़ा बनो!
Friday, April 24, 2020
खाकी वर्दी
Wednesday, April 22, 2020
भीष्म प्रतिज्ञा,
Thursday, April 9, 2020
बड़ी खास हो तुम
Wednesday, April 8, 2020
o maa ओ मां
Sunday, April 5, 2020
मोदी के आवाहन पर देश ने खूब दिए जलाए
Thursday, April 2, 2020
श्वेत रक्त
देखा था तुमको मैंने
धूप में तपते हुए
दौड़ते हुए गर्म रेत में और ना थकते हुए
सूरज से लड़ते हुए पसीना टपकते हुए और पानी की तरफ देखकर हंसते हुए
देखा था मैंने तुमको धूप में तपते हुए
घड़ी की सुई से तेज तुम्हारे कदमों को थिरकते हुए
सुना था तुम्हारी धड़कनों को प्रेम की अग्नि से तेज धड़कते हुए
देखा था मैंने तुम्हें ,जब सब सोते थे तब पसीना बहाते हुए।
देखा था मैंने तुम्हें सूरज से लड़ते हुए धूप में तपते हुए
औरों की आंखों में जहां नींद होती थी देखा था मैंने तुम्हारी आंखों में सपनों को सजते हुए
उन सपनों को पाने के लिए अथक परिश्रम करते हुए
लड़ते हुए इस जहां से, हजारों मुख चुप करते हुए
देखा था मैंने तुम्हें अपने सपनों की ओर बढ़ते हुए।
सांसों में संयम था, उस अद्भुत कोलाहल के बीच में भी
देखा था मैंने तुम्हारी सांसों को रुक कर, भविष्य की कल्पना करते हुए
तुम्हारे कदम बढ़ चले थे एक नए युग की रचना करते हुए।
देखा था मैंने तुम्हें धूप में तपते हुए सूरज से लड़ते हुए।
Subhash..
चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग
चंदा मामा दूर के नहीं अब चंदा मामा टूर के हो गए हैं बड़ा ही भावुक समय था चंद्रयान को चंद्रमा की धरती पर लैंड करते हुए देखना, पहल...
-
Green Chili and its health benefits we Indian love spicy food ,some time it is taste of chilli which makes our food real indian subcont...
-
JNU protest It has been more than one week and still JNU students are protesting continuously for the demand of roll back of the f...
-
The only thing I could do in the kitchen was to search for snacks in containers and boxes for munching. I did not enjoy cooking that ...